वार्षिक नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा
आपकी जन्मकुंडली के लग्न ग्रह, राशि ग्रह, महादशा ग्रह एवं विशेष योग कारक ग्रहों की शांति के लिए जन्मकुंडली के मुहूर्त पर आधारित संपूर्ण नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा उज्जैन में आपके नाम, गौत्र एवं इच्छित संकल्प सहित की जाती है।
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वार्षिक नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा
- जन्मकुंडली के अनुसार योग कारक ग्रहों की शांति
- आपके नाम, गौत्र एवं इच्छित संकल्प सहित पूजा
- लग्न, राशि, महादशा, नवम एवं पंचम ग्रहों का विशेष पूजन
- नवग्रह स्थापन पूजन एवं पांच प्रमुख ग्रहों का अभिषेक
- औषधि युक्त हवन एवं विशेष मंत्र जाप
- योग कारक ग्रहों के रत्न एवं यंत्र अभिषेक में सिद्ध
- पूजा प्रसाद, रक्षा सूत्र, वस्त्र, रत्न एवं यंत्र भेजे जाएंगे
1. नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा
आपकी जन्मकुंडली के लग्न ग्रह, राशि ग्रह, महादशा ग्रह और विशेष योग कारक ग्रहों की शांति के लिए आपकी जन्मकुंडली के मुहूर्त पर आधारित यह संपूर्ण नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा कालों के काल भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में करते हैं, जिसको नवग्रह राजयोग साधना सिद्धि अनुष्ठान कहते हैं।
पवित्र मंत्रोच्चार
।। यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा।
तद्वद् वेदांगशास्त्राणां गणितं मूर्धनि स्थितम्।।
।। ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु शशि भूमिसुतो बुधश्च गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतवः सर्वे ग्रहाः शांति करा भवन्तु।।
वैदिक ज्योतिष एवं नवग्रह पूजा
वैदिक ज्योतिष में ज्योतिष शास्त्र को मार्गदर्शक शास्त्र कहा गया है। यह श्रेष्ठ और प्रत्यक्ष प्रमाण वाला शास्त्र माना जाता है, जिसमें ग्रहों एवं नक्षत्रों की गणना के आधार पर यज्ञ, अनुष्ठान, पूजन एवं अभिषेक कैसे करें, इसकी मुहूर्त दिशा बताई जाती है।
नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा जन्मकुंडली के बारह भावों से संबंधित ग्रह दोषों की शांति, सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य, प्रेम और सफलता के लिए विशेष पूजन अनुष्ठान है।
जन्मकुंडली के बारह भाव एवं विशेष विषय
नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा विधि
सबसे पहले जन्मकुंडली का अध्ययन करके योग कारक ग्रहों को निश्चित किया जाता है, फिर मुहूर्त निर्धारित करते हैं।
लग्न, नवम एवं पंचम स्थान के या मित्र ग्रहों, सहयोगी ग्रहों के गोचर के दिन आपके नाम, गौत्र और इच्छित संकल्प सहित यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है।
जन्मकुंडली के बारह भावों से संबंधित विघ्न शांति के लिए नवग्रह अक्षत कुंडली पूजा करते हैं।
पांच प्रमुख ग्रहों का विशेष पूजन
विशेष रूप से पांच प्रमुख ग्रहों — लग्न, राशि, महादशा, नवम एवं पंचम का ग्रह स्वरूप, ब्रह्म स्वरूप, विष्णु स्वरूप, रुद्र स्वरूप और अग्नि स्वरूप में अभिषेक, पूजन एवं हवन करते हैं।
संपूर्ण पंचांग पूजा प्रकरण
योग कारक ग्रह मंत्र जाप
योग कारक ग्रहों की निश्चित संख्या में मंत्र जाप भी किए जाते हैं। योग कारक ग्रहों के रत्न एवं यंत्र को आपके नाम, गौत्र एवं इच्छित संकल्प सहित अभिषेक में सिद्ध किया जाता है।
समय अवधि
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सहभागिता
विशेष
मंत्रोच्चार साउंड ट्रैक्स
पूजा की बुकिंग के साथ ही प्रतिदिन श्रवण करने वाले संबंधित ग्रहों के मंत्रोच्चार के ऑडियो साउंड ट्रैक्स भेजते हैं।
जन्मकुंडली एनालिसिस आधारित विशेष योग कारक पूजाओं में इंस्टेंट इफेक्ट्स के लिए वेद संस्कृत और एस्ट्रोलॉजी स्कॉलर से वैदिक एस्ट्रोलॉजी कंसल्टेशन के लिए संपर्क करें ।