मंगल योग शांति पूजा
मंगल ग्रह के उत्पत्ति स्थान उज्जैन में, मूंगा रत्न सहित मंगल रुद्र अभिषेक एवं मंगल ऋण मुक्ति स्तोत्र के साथ की जाने वाली सम्पूर्ण शांति पूजा — विवाह बाधा, ऋण मुक्ति और दाम्पत्य कलह निवारण हेतु।
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बेसिक— मंगल शांति
- संकल्प एवं गणेश-अंबिका-वरुण पूजन
- पवित्रीकरण एवं पंचामृत पूजन
- मंगल रुद्र अभिषेक
- प्रसाद आपके पते पर भेजा जाएगा
स्टैंडर्ड— रत्न सहित
- पूर्ण मंगल योग शांति पूजा (बेसिक सहित)
- मंगल ऋण मुक्ति स्तोत्र पाठ
- मूँगा रत्न (प्रतीक स्वरूप)
- रक्षा सूत्रम् एवं प्रसाद
मंगल योग क्या है?
जन्मकुंडली में मंगल ग्रह के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में स्थित होने से — तथा वहां से पड़ने वाली मंगल दृष्टि जिन-जिन भावों पर पड़ती है — वहां मंगल योग का निर्माण होता है।
इन भावों में अत्यधिक उग्रता, जल्दबाजी और स्वाभाविक तीव्रता उत्पन्न होती है, जिससे असमंजस, क्रोध, जिद और उद्विग्नता बढ़ जाने से वैवाहिक, व्यावसायिक, पारिवारिक, सामाजिक — सभी प्रकार के संबंधों में अस्थिरता उत्पन्न होकर अमंगल-अशुभ होने की संभावना बढ़ जाती है।
पौराणिक मत के अनुसार उज्जैन को पृथ्वी पुत्र मंगल ग्रह की उत्पत्ति का स्थान माना गया है। अतः मंगल ग्रह की प्रसन्नता प्राप्ति हेतु उज्जैन में मंगल योग शांति पूजा एवं मंगल रुद्र अभिषेक करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है।
पूजा विधि
भगवान शिव एवं मंगल ग्रह देवता की कृपा प्राप्ति हेतु, मंगल ग्रह के उत्पत्ति स्थान उज्जैन में मंगल योग शांति पूजा — मंगल रुद्र अभिषेक में रुद्र स्वरूप मंगल रुद्र अभिषेक पूजन किया जाता है। उज्जैन में सभी ग्रहों के शिव स्वरूप पूजन-अभिषेक का पौराणिक महत्व है।
श्री गणेश, अंबिका, वरुण स्थापन पूजन।
पवित्रीकरण एवं पंचामृत पूजन।
मंगल रुद्र अभिषेक तथा मंगल ऋण मुक्ति स्तोत्र पाठ, विशेष मूंगा रत्न सहित।
उत्तर पूजन, नैवेद्य, भोग, आरती, प्रदक्षिणा एवं क्षमापना।
रक्षा सूत्र एवं मूँगा रत्न (प्रतीक स्वरूप) सहित प्रसाद भेंट किया जाता है।