अर्क विवाह शांति पूजा
विवाह में देरी, कन्या चयन में रुकावट, गुण मिलान दोष, मंगल षडाष्टक एवं सप्तम भाव दोष शांति हेतु—सिद्ध मंगलनाथ धाम उज्जैन में आपकी जन्मकुंडली आधारित कस्टमाइज्ड अर्क विवाह शांति पूजा।
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क्या आपके विवाह में भी आ रहे हैं ये विघ्न?
- विवाह के लिए मन पसंद कन्या नहीं मिल रही!
- मिल रही तो बात नहीं बन रही!
- बात बनने लगे तो गुण मिलान, ग्रह बाधा, मंगल षडाष्टक आदि के फेर से विघ्न बना हुआ है!
- मन का काम नहीं हो पा रहा!
ऐसे सभी ग्रह बाधा, विघ्नों से पार पाने के लिए अपनी जन्मकुंडली का एस्ट्रो डिटेल्स एनालिसिस करवाएं, सप्तम भाव ग्रह योग शांति और कस्टमाइज्ड अर्क विवाह करवाएं।
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बेसिक — अर्क विवाह शांति पूजा
- नाम-गौत्र व इच्छित संकल्प सहित पूजा
- श्री गणेश, अंबिका एवं वरुण पूजन
- पुण्याह वाचन, मंडल मातृकाएं एवं नवग्रह स्थापन
- शास्त्रीय अर्क विवाह एवं औषधीय हवन
- प्रसाद एवं रक्षा सूत्र आपके पते पर प्रेषित
स्टैंडर्ड — कस्टमाइज्ड अर्क विवाह एवं सप्तम भाव शांति
- पूर्ण अर्क विवाह अनुष्ठान (बेसिक सहित)
- नांदी श्राद्ध एवं विशेष रुद्र स्थापन
- जन्मकुंडली लग्न, राशि, महादशा आधारित विशेष सप्तम भाव शांति
- विशेष औषधीय हवन एवं महापूर्णाहुति
- प्रतिदिन सुनने वाले कस्टमाइज्ड मंत्रोच्चार ऑडियो ट्रैक्स
अर्क विवाह की वैदिक अवधारणा और महत्व
वैदिक ज्योतिष परंपरा में पुरुष की कुंडली में सप्तम भाव विवाह और वैवाहिक सुख का कारक माना जाता है। जब कुंडली में मंगल दोष, क्रूर ग्रह प्रभाव, वैधव्य कारक योग, षडाष्टक दोष या विवाह भाव दूषित हो, तब विवाह वार्ता में बार-बार अड़चनें आती हैं अथवा रिश्ते बनते-बनते टूट जाते हैं।
शास्त्रों के अनुसार, ऐसे दोषों के निवारण हेतु कन्या से पाणिग्रहण पूर्व 'अर्क' (मंदार/मदार वृक्ष) के साथ वैदिक विधि से विवाह कराया जाता है। अर्क वृक्ष को सूर्य और रुद्र स्वरूप माना गया है, जो जातक के पूर्व जन्मकृत अथवा ग्रह जनित सभी वैवाहिक दोषों को स्वयं में समाहित कर शांत कर देता है। जन्मकुंडली एस्ट्रो डिटेल्स के मुहूर्त आधारित कस्टमाइज्ड अर्क विवाह शांति पूजा से विवाह और मेल मिलाप के सभी विघ्न बाधाओं का लोप होता है और मनः कामनाएं पूर्ण होती हैं।
अर्क विवाह शांति पूजा से लाभ
पूजा विधि
अर्क विवाह शांति पूजा आपके नाम, गौत्र एवं अभीष्ट मनोकामना संकल्प के साथ वैदिक विद्वान ब्राह्मणों द्वारा शास्त्रीय क्रम से संपन्न की जाती है।
संकल्प — यजमान के नाम, गौत्र एवं विवाह बाधा निवारण के इच्छित संकल्प के साथ पूजा का शुभारंभ।
श्री गणेश, अंबिका एवं वरुण पूजन — विघ्नहर्ता प्रथमेश गणपति, कुलदेवी एवं वरुण देव का विधिवत आह्वान।
पुण्याह वाचन, मंडल मातृकाएं एवं नांदी श्राद्ध — शुद्धि विधान, मातृका पूजन एवं पितृ आशीर्वाद हेतु नांदी श्राद्ध।
नवग्रह एवं रुद्र स्थापन — ग्रह शांति एवं सप्तम भाव स्वामी को अनुकूल बनाने हेतु नवग्रह व रुद्र मंडल स्थापन।
अर्क विवाह संस्कार — वैदिक ऋचाओं के साथ अर्क वृक्ष के साथ शास्त्रीय विवाह, फेरे एवं पाणिग्रहण विधान।
औषधीय हवन, आरती एवं ट्रैक्स — विशेष समिधाओं से औषधीय हवन, आरती, रक्षा-सूत्र व नित्य श्रवण हेतु ऑडियो ट्रैक्स प्रेषण।
उज्जैन में विशेष महत्व
भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में मंगलनाथ धाम सिद्ध क्षेत्र में आपकी जन्मकुंडली के एस्ट्रो गाइडेड डिटेल्स लग्न, राशि, महादशा, नवम व पञ्चम ग्रहों पर आधारित आपके लिए शुभ मुहूर्त में कस्टमाइज्ड अर्क विवाह शांति पूजा करते हैं। भूमिपुत्र मंगल देव की जन्मस्थली उज्जैन में यह अनुष्ठान करने से वैवाहिक दोषों का अत्यंत शीघ्र और निश्चित निवारण होता है।
सर्वोत्तम समय एवं मुहूर्त
यह पूजा पंचांग के किसी सामान्य दिन नहीं होती, बल्कि आपकी जन्मकुंडली के आधार पर विशेष रूप से निकाले गए कस्टमाइज्ड शुभ मुहूर्त में ही संपन्न की जाती है।